Group Cards
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

राघव चड्ढा का बड़ा आइडिया: क्या हर भारतीय को मिलेगा मुफ़्त AI? जानिए पूरी बात

हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI धीरे-धीरे अपनी जगह बना रहा है। यह हमारे फोन और कंप्यूटर पर एक नए तरह के “जादू” जैसा है जो कई मुश्किल कामों को चुटकियों में आसान बना देता है। इसी बीच, राजनेता राघव चड्ढा ने एक बड़ी और दिलचस्प चर्चा शुरू कर दी है। उनका सुझाव है कि भारत के हर नागरिक को AI टूल्स का मुफ़्त एक्सेस मिलना चाहिए।

लेकिन इस सुझाव का मतलब क्या है? क्या यह सच में हो सकता है? और अगर ऐसा हुआ तो आपकी और हमारी ज़िंदगी कैसे बदलेगी? चलिए, इस पूरी बात को आसान भाषा में समझते हैं।

  1. AI: अगली ‘सुपरपावर’ बनने का सीक्रेट हथियार?

राघव चड्ढा का मानना है कि आने वाला युग AI द्वारा ही तय किया जाएगा। उनका तर्क सीधा और दमदार है: जिस देश के पास AI की ताकत होगी, वही अगली वैश्विक महाशक्ति बनेगा। उन्होंने “मेक इन इंडिया” के नारे को आगे बढ़ाते हुए “मेक एआई इन इंडिया” की बात पर ज़ोर दिया है।

उनका कहना है कि आज AI की इस दौड़ में अमेरिका और चीन जैसे देश हमसे बहुत आगे निकल चुके हैं और अगर भारत को अगली सुपरपावर बनना है तो इस दिशा में तेज़ी से काम करने की ज़रूरत है।

  1. AI की रेस: हम कहाँ खड़े हैं?

राघव चड्ढा के अनुसार, भारत में अभी जो भी AI टूल्स ज़्यादा इस्तेमाल हो रहे हैं, वे सभी विदेशी हैं। इनमें ChatGPT, Gemini, Claude, Grok, और Perplexity जैसे बड़े नाम शामिल हैं। (और सच कहूँ तो, यह लिस्ट देखकर थोड़ा दुख भी होता है कि इसमें एक भी भारतीय नाम नहीं है।)

उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि भारत अब तक अपना कोई विश्व-स्तरीय जेनरेटिव AI टूल या लार्ज लैंग्वेज मॉडल (LLM) नहीं बना पाया है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि भारत AI रिसर्च और ग्रांट्स में अमेरिका और चीन की तुलना में एक “छोटा सा फ्रैक्शन” यानी बहुत कम पैसा खर्च करता है। हालांकि, यह बताया गया ہے कि भारत का अपना ग्लोबल स्टैंडर्ड का AI टूल अभी “वर्क इन प्रोग्रेस” है।

Read Also This Post :- एआई से फटाफट इंग्लिश सीखे | ai se english kaise sikhe

  1. राघव चड्ढा का प्लान: क्या विदेशी AI टूल्स बनेंगे पहला कदम?

तो जब हमारा अपना AI टूल तैयार नहीं है, तो फिर सबको मुफ़्त AI कैसे मिलेगा? यहीं पर राघव चड्ढा का pragmatic यानी व्यावहारिक सुझाव सामने आता है। उनका विज़न दो-स्टेप का है। पहला कदम यह है कि जब तक भारत का अपना विश्व-स्तरीय AI तैयार नहीं हो जाता, तब तक सरकार को मौजूदा बाहरी टूल्स ही जनता को मुफ़्त में उपलब्ध कराने चाहिए।

उन्होंने खुद कहा, “फिलहाल के लिए तो जो बाहरी टूल्स हैं उन्हें ही मुहैया कराना चाहिए ऐसा मुझे लगता है।” उन्होंने बताया कि यह कोई नई बात नहीं है; UAE, सिंगापुर और हांगकांग जैसे कई देश पहले से ही ऐसा कर रहे हैं। भारत में भी एक बड़ी टेलीकॉम कंपनी ने Perplexity के साथ टाई-अप करके अपने ग्राहकों को इसका फ्री एक्सेस दिया है। उनका मानना है कि सरकार को भी इसी तरह की पहल करनी चाहिए। यह सारी बातें राघव चड्ढा ने ET Now स्वदेश के साथ एक इंटरव्यू में विस्तार से बताईं।

  1. AI का जादू: किसान के खेत से लेकर पत्रकार की कलम तक

चड्ढा का मानना है कि AI सिर्फ युवाओं या टेक्नोलॉजी के जानकारों के लिए नहीं, बल्कि हर आम भारतीय के लिए है। अगर यह जादुई टूल सभी को आसानी से उपलब्ध हो जाए, तो इससे समाज के हर वर्ग की ज़िंदगी बदल सकती है।

क्रम संख्या उपयोगकर्ता AI से मिलने वाले फायदे
1 किसान पूछ सकता है कि “इस बार बारिश कैसी होगी?” या “मेरी मिट्टी के लिए सबसे अच्छी खाद कौन सी है?”
2 बुजुर्ग व्यक्ति किसी भी सरकारी योजना का जटिल फॉर्म बिना किसी की मदद के आसानी से भर सकता है।
3 दुकानदार/व्यापारी अपने बिज़नेस को ऑनलाइन ले जाने और नए ग्राहकों तक पहुंचने के नए-नए तरीके सीख सकता है।
4 क्रिएटर्स और पत्रकार किसी भी टॉपिक पर गहरी रिसर्च करने, नए आइडिया सोचने और अपना कंटेंट बेहतर बनाने में मदद ले सकते हैं।

जब उनसे AI से नौकरियों के जाने के खतरे के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि AI नौकरियों के लिए खतरा होने के बजाय लोगों की क्षमता को और बढ़ाएगा और नए अवसरों को जन्म देगा।

ये फायदे सुनने में तो बहुत अच्छे लगते हैं, लेकिन इस सपने को सच करने की राह में कुछ बड़ी चुनौतियाँ भी हैं। आइए उन पर भी नज़र डालते हैं।

  1. सपना बड़ा है, पर राह आसान नहीं: चुनौतियाँ और असली समाधान

इस विज़न को हकीकत में बदलना इतना आसान नहीं है। इंटरव्यू में जब यह सवाल उठाया गया कि पूरे भारत में अभी तक पूरा डेटा कवरेज भी नहीं है, तो AI सब तक कैसे पहुंचेगा? इस पर राघव चड्ढा ने जवाब दिया कि जहां तक डेटा पहुंच गया है, वहां तो AI पहुंचाया ही जा सकता है।

लेकिन असली और लॉन्ग-टर्म समाधान “मेक एआई इन इंडिया” के सपने को पूरा करने में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को एक सफल AI राष्ट्र बनाने के लिए एक पूरा इकोसिस्टम तैयार करना होगा। इसमें चिप मैन्युफैक्चरिंग, GPUs, और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रांट्स जैसी चीज़ों पर बड़े स्तर पर काम करने की ज़रूरत है। यह वही लॉन्ग-टर्म समाधान है जो हमें चीन और अमेरिका के बराबर खड़ा करेगा।

भारत की मौजूदा प्रगति पर अपनी अंतिम टिप्पणी में उन्होंने कहा, “हम इससे कहीं बेहतर कर सकते हैं,” जिसका मतलब है कि अभी इस दिशा में बहुत कुछ करना बाकी है।

  1. निष्कर्ष: क्या भारत एक नई डिजिटल क्रांति के मुहाने पर है?

कुल मिलाकर, राघव चड्ढा का यह सुझाव भारत के लिए एक बड़े बदलाव का दरवाज़ा खोल सकता है। उनका दो-स्टेप प्लान—पहले विदेशी टूल्स का फ्री एक्सेस और साथ-ही-साथ अपने घरेलू इकोसिस्टम का निर्माण—एक सोची-समझी रणनीति लगती है।

अगर AI का यह “जादू” हर भारतीय के हाथ में पहुंच गया, तो यह सिर्फ एक सुविधा नहीं होगी, बल्कि भारत के लिए एक “दूसरी डिजिटल क्रांति” साबित हो सकती है। एक ऐसी क्रांति जो हमारे किसानों को स्मार्ट बनाएगी, हमारे व्यापारियों को ग्लोबल करेगी और हमारे युवाओं की क्रिएटिविटी को नई उड़ान देगी। यह वह ताकत है जो देश की असली क्षमता को अनलॉक कर सकती है।

राघव चड्ढा का AI पर पूरा इंटरव्यू और टेक्नोलॉजी से जुड़ी विश्वसनीय खबरें आप ET Now पर पढ़ सकते हैं –👉 https://www.etnownews.com

आपको क्या लगता है? क्या सरकार को AI टूल्स सभी के लिए मुफ़्त कर देने चाहिए? अपनी राय कमेंट्स में ज़रूर बताएं।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. राघव चड्ढा का मुफ्त AI वाला सुझाव क्या है?
👉 उनका सुझाव है कि भारत के हर नागरिक को AI टूल्स का मुफ्त एक्सेस मिलना चाहिए, ताकि शिक्षा, खेती, व्यापार और रोजगार में सुधार हो सके।

Q2. क्या भारत का अपना AI टूल अभी मौजूद है?
👉 फिलहाल भारत का कोई ग्लोबल-लेवल जेनरेटिव AI टूल नहीं है, लेकिन यह “वर्क इन प्रोग्रेस” बताया गया है।

Q3. क्या AI से नौकरियां खत्म हो जाएंगी?
👉 राघव चड्ढा के अनुसार AI नौकरियां खत्म नहीं करेगा, बल्कि लोगों की क्षमता बढ़ाकर नए अवसर पैदा करेगा।

Q4. क्या दूसरे देश अपने नागरिकों को फ्री AI देते हैं?
👉 हां, UAE, सिंगापुर और हांगकांग जैसे देशों में सरकार या कंपनियां AI टूल्स का फ्री एक्सेस देती हैं।

Share
Group Cards
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Channel Join Now

Leave a Comment