अब स्कूल में पढ़ेंगे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस! 11वीं-12वीं के लिए NCERT बना रहा खास किताबें, जानिए सरकार का पूरा प्लान

क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप ऑनलाइन कुछ खरीदते हैं, तो आपको अपनी पसंद की चीज़ें कैसे दिखने लगती हैं? या आपके मोबाइल का असिस्टेंट आपकी आवाज़ सुनकर कैसे काम करता है? यह सब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का कमाल है, जो अब हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बन चुका है।

लेकिन अब AI सिर्फ हमारे फोन या कंप्यूटर तक सीमित नहीं रहेगा। यह अब हमारे बच्चों के क्लासरूम में भी पहुंचने वाला है। जी हाँ, भारत सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूलों में AI की पढ़ाई शुरू करने का एक बड़ा फैसला लिया है। इसके लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) 11वीं और 12वीं कक्षा के लिए खास किताबें भी तैयार कर रहा है। आइए, इस पूरे प्लान को आसान भाषा में समझते हैं।

1. सरकार का बड़ा ऐलान: अब AI की भी होगी पढ़ाई

अब 11वीं और 12वीं के छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की पढ़ाई सीधे अपनी टेक्स्टबुक से करेंगे। इसके लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने एक विशेष टीम का गठन किया है। यह एक औपचारिक और बड़ा कदम है, जिसका उद्देश्य छात्रों को भविष्य की तकनीक के लिए तैयार करना है।

शिक्षा मंत्रालय ने संसद (लोकसभा) में इसकी जानकारी दी (स्रोत: NDTV)। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत उठाया जा रहा है, जो शिक्षा प्रणाली में आधुनिक और प्रासंगिक विषयों को शामिल करने पर जोर देती है।

2. स्कूल में AI: कैसे और कब होगी शुरुआत?

सरकार AI शिक्षा को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना बना रही है, ताकि छोटी कक्षाओं से लेकर सीनियर सेकेंडरी तक के छात्रों को उनकी उम्र और समझ के अनुसार AI का ज्ञान मिल सके।

2.1. छोटी कक्षाओं से ही रखी जाएगी नींव

सरकार का लक्ष्य है कि अकादमिक वर्ष 2026-27 से देश के सभी स्कूलों में कक्षा 3 से ही AI की पढ़ाई शुरू कर दी जाए। इसका मतलब है कि बच्चों को बहुत ही कम उम्र से AI के बेसिक कॉन्सेप्ट्स से परिचित कराया जाएगा।

2.2. मिडिल स्कूल में प्रैक्टिकल लर्निंग

कक्षा 6 के छात्रों के लिए AI की पढ़ाई को और भी मजेदार और प्रैक्टिकल बनाने की तैयारी है। NCERT ने व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) की किताब में ‘एनिमेशन और गेम्स’ पर एक प्रोजेक्ट शामिल किया है, जिसमें छात्र AI टूल्स का इस्तेमाल करना सीखेंगे।

2.3. 9वीं और 10वीं में AI होगा अनिवार्य

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 3 से 12 तक के लिए AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग पर एक ड्राफ्ट करिकुलम पहले ही तैयार कर लिया है। इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा यह है कि कक्षा 9 और 10 में एडवांस्ड कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI को एक अनिवार्य विषय बनाया जाएगा।

2.4. सीनियर सेकेंडरी के लिए विशेष तैयारी

जैसा कि पहले बताया गया है, कक्षा 11 और 12 के लिए NCERT की विशेष टीम एक विस्तृत सिलेबस और टेक्स्टबुक डिजाइन कर रही है। यह पाठ्यक्रम, जैसा कि शिक्षा मंत्रालय ने लोकसभा में बताया, पूरी तरह से राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-विद्यालयी शिक्षा (NCF-SE) 2023 के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया जा रहा है।

3. क्या है ‘SOAR’ प्रोग्राम? छात्रों और शिक्षकों के लिए एक नई उड़ान

सरकार ने इस पहल को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए ‘SOAR’ नाम का एक राष्ट्रीय कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसका पूरा नाम Skilling for AI Readiness है।

SOAR कार्यक्रम के दो मुख्य उद्देश्य हैं:

  • कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर जागरूकता बढ़ाना।
  • शिक्षकों को AI साक्षरता (AI Literacy) में कुशल बनाना ताकि वे छात्रों को प्रभावी ढंग से पढ़ा सकें।

यह SOAR कार्यक्रम केवल छात्रों के लिए नहीं है; यह उन शिक्षकों को भी तैयार करेगा जिन्हें NCERT द्वारा विकसित की जा रही नई AI पाठ्यपुस्तकों को प्रभावी ढंग से पढ़ाना है। इस तरह, यह प्रोग्राम पाठ्यक्रम और शिक्षक-प्रशिक्षण के बीच एक महत्वपूर्ण पुल का काम करता है। इस कार्यक्रम का एक बड़ा लक्ष्य “डिजिटल डिवाइड” (तकनीकी संसाधनों की असमानता) को कम करना भी है, ताकि देश के हर क्षेत्र के छात्रों को AI शिक्षा का समान अवसर मिल सके।

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4. SOAR प्रोग्राम की संरचना: कैसे होगी पढ़ाई?

यह प्रोग्राम राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) पर आधारित है और इसे चार प्रगतिशील मॉड्यूल के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। प्रत्येक मॉड्यूल 15 घंटे का होगा, जिससे कार्यक्रम की कुल अवधि 45 घंटे हो जाती है।

इन मॉड्यूल को पूरा करने पर, कक्षा 6 से 12 तक के छात्र तीन विशेष माइक्रो-क्रेडेंशियल अर्जित कर सकते हैं, जो उनकी AI की समझ के स्तर को दर्शाएंगे:

  • AI to be Aware
  • AI to Acquire
  • AI to Aspire

5. एक नज़र में पूरी AI योजना (Summary Table)

इस पूरी योजना को आसानी से समझने के लिए नीचे दी गई टेबल देखें:

कक्षा (Class Level)क्या पढ़ाया जाएगा (What will be Taught)मुख्य बिंदु (Key Points)
कक्षा 3 सेबेसिक AI कॉन्सेप्ट्स2026-27 से सभी स्कूलों में शुरू करने का लक्ष्य
कक्षा 6वोकेशनल एजुकेशन में AI टूल्स का प्रोजेक्टएनिमेशन और गेम्स पर प्रोजेक्ट शामिल
कक्षा 9-10एडवांस्ड कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AICBSE द्वारा अनिवार्य किया जाएगा
कक्षा 11-12विस्तृत AI सिलेबस और टेक्स्टबुकNCERT की स्पेशल टीम द्वारा तैयार किया जा रहा है

6. माता-पिता और छात्रों के लिए इसका क्या मतलब है?

जैसे 20 साल पहले कंप्यूटर सीखना भविष्य की गारंटी माना जाता था, आज AI वही जगह ले रहा है। इस नीति से आपका बच्चा सिर्फ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने वाला (user) नहीं, बल्कि उसे बनाने वाला (creator) बनेगा। यह कदम उन्हें केवल भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार नहीं करेगा, बल्कि उनमें समस्याओं को नए और बेहतर तरीके से सुलझाने की वह सोच विकसित करेगा जो आज की दुनिया में सबसे ज़्यादा ज़रूरी है। यह सुनिश्चित करेगा कि आपका बच्चा समय के साथ चले और आने वाले कल के लिए पूरी तरह तैयार हो।
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7. निष्कर्ष (Conclusion)

NCERT द्वारा 11वीं-12वीं के लिए विशेष AI किताबों की तैयारी, छोटी कक्षाओं से ही AI की नींव रखना और ‘SOAR’ जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम का लॉन्च, यह सब दिखाता है कि भारत सरकार शिक्षा को भविष्य की ज़रूरतों के हिसाब से ढालने के लिए कितनी गंभीर है।

यह निश्चित रूप से एक बड़ा और सराहनीय कदम है जो भारत की आने वाली पीढ़ी को तकनीकी रूप से कुशल और वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. क्या AI कक्षा 11-12 में अनिवार्य विषय होगा?
👉 फिलहाल AI को विशेष विषय के रूप में तैयार किया जा रहा है, जबकि कक्षा 9-10 में इसे अनिवार्य बनाने की योजना है।

Q2. AI की पढ़ाई स्कूलों में कब से शुरू होगी?
👉 सरकार का लक्ष्य है कि 2026-27 से कक्षा 3 से ही AI की पढ़ाई शुरू हो जाए।

Q3. SOAR प्रोग्राम क्या है?
👉 SOAR (Skilling for AI Readiness) छात्रों और शिक्षकों को AI के लिए तैयार करने वाला राष्ट्रीय कार्यक्रम है।

Q4. क्या ग्रामीण छात्रों को भी AI शिक्षा मिलेगी?
👉 हाँ, SOAR प्रोग्राम का एक मुख्य उद्देश्य डिजिटल डिवाइड को कम करना है।

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